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मेरी सेक्सी मा ने मुझे मदहोश कर ज़िंदगी का मज़ा दिया

मेरे प्यारे दोस्तो मेरा नाम सन्नी है. मैं अभी 26 साल का हूँ. आज मैं आपके साथ एक कहानी शेयर कर रहा हू जो की मेरे मा के सेक्स संबंध के बारे मे है, आपको पूरी स्टोरी सुनाता हू, क्यों की मैने भी सेक्स कहानी डॉट कॉम पे कई सारे कहानी पढ़ी और आज मैं आपके लिए लिख भी रहा हू.

मैं जब 14 साल का था तब मा पापा का डाइवोर्स हो गया. मेरे पापा बेवफा थे और डाइवोर्स के दो महीनो बाद ही उन्होने फिर से शादी करली. मुझे तो लगता है की मेरे पापा दुनिया के सबसे बेवकूफ़ आदमी में से एक है जो की एक मस्त माल को छोड़ दिया खैर मेरे लिए ये अच्छा हुआ क्यों की मैं लकी रहा क्यों की मुझे ये मौका मिला.

मेरी मा का नाम शवित्री है. वो अभी 45 साल की है. अगर आप भी मेरी माँ को देखोगे तो हैरान हो जाओगे. आज भी क्या फिगर है उनकी. बारे बारे 36 साइज़ के चूची किसी को भी दीवाना बना दे और उनकी कमर में जो लचक है हू देखकर तो किसी का भी उसे चूमने का मान करेगा. और उसकी गांड तो बिल्कुल लाजवाब 40 साइज़ की है. वो जब ठुमक ठुमक के चलती है तो रास्ते में खड़े लोग देखते रह जाते है. दिखने में तो वो बहुत सुंदर है 5’6” हाइट की है और रंग भी काफ़ी गोरा है.

मेरी मा हमेशा से ही बहुत फ्री टाइप की थी और पापा के जाने के बाद तो जैसे उनकी ज़िंदगी में नया जोश आया था. जब उनका डाइवोर्स हुआ तो वो काफ़ी यंग थी और उनको लाइफ एंजाय करने का बोहोट सौक था. उनके पापा (मेरे नानाजी) के पास काफ़ी पैसा है और वो भी नौकरी करती थी तो ह्यूम पैसे की कमी कभी महसूस नही हुई. उसके उपर डाइवोर्स के बाद घर भी मा को मिला था तो मैं और मा दोनो एकसाथ रहते थे.

जब तक मैं 19 साल का हुआ तब तक स्कूल और टुटीओन के दोस्तो की बौदौलत में सेक्स के बारे में काफ़ी कुछ जान गया था और बाकी का इंटरनेट से स्टोरीस पार्क और वीडियोस देख कर में सीख गया था. एकदिन मैने एक वेबसाइट पर एक लरके की स्टोरी पारी जिसमें उसने अपने मा को चोदने के बारे में लिखा था. वो स्टोरी पार्क मुझे बोहोट एग्ज़ाइट्मेंट हुई और मैने आचे से कस के उस्दीन मूट मारा. उस्दीन जब मेरी मों घर वापस आई तो मेरे दिमाग़ में उनके बारे में गंदी गंदी ख़याल आने लगी.

घर पे मों पतला सा टॉप और टाइट पॅंट्स पह्न ना पसंद करती है. उस्दीन भी वो मेरे सामने एक ब्लू टॉप और पिंक पॅंट्स पह्न कर आगाय. उन्हो ने मुझसे पूछा की नाश्ते में क्या खाओगे. एक समाए के लिए लगा की बोलू मुझे तो आपको ही खाना है. फिर मैने अपने आपको शम्भाल कर कहा की मैं ब्रेड और ओमल्ेटते ख़ौँगा. वो खाना बनाने में व्यस्त हो गयी और मैं उन्हे चुप चुप के देखने लगा. क्या माल थी मेरी मा. उनके टाइट टॉप से उनके चूचियों का शेप सॉफ दिख रखा था और क्यूंकी वो घर पे ब्रा नही पहनती थी तो उनके निपल्स भी समझ आ रहे थे.

पीछे म्र्क ए टओस्टर ओं करते वक़्त मा के हाथ से खुला हुआ पानी का बॉटल फर्श पे गिर गया. उन्हो ने मुझे पोछा लाने के लिए कहा तो में उठकर जल्दी से पोछा ले आया. मा ने मुझे कहा की गॅस से मैं ओमल्ेटते उतार लू और वो पानी पॉच देंगी. मैने हा कहा तो मा झुक कर पोछा लगा ने लगी. उनके टाइट पंत से उनकी गोल गंद उभर कर दिखने लगे. जैसे ही वो फर्श पर गंद उठा कर पोछा लगाने लगी तो मेरे तो होश ही उर गये. उनकी चूत का आकर मुझे सॉफ समझ आ रहा था. मेरा मान हुआ की उनके चूचियों का भी दर्शन कर लून.

मैने जल्दी से ओमल्ेटते ले लिया और मा के सामने जाकर कर खरा हो गया. मैने मा से कहा की आज ब्रेड नही ख़ौँगा तो मा फर्श की तरफ देखते हुए ही मुझे समझने लगी की ब्रेड खाना भी ज़रूरी है. इस दौरान में माज़े से उनके बरी बरी चूचियों की तरफ देख रहा था. क्यूंकी वो झुकी हुई थी तो उनका क्लीवेज मुझे आची तरह से दिखाए दे रहा था. उनकी जवान बदन को देखकर मेरा लंड एकदम खड़ा हो चक्का था. मैने जल्दी से खाना ख़तम किया और अपने कमरे में चला गया. मेरे दिमाग़ मैं सिर्फ़ मेरे मा के ख़याल आ रहे थे. मैने सोचा की उस स्टोरी की तरह मैं भी अपने मा को छोड़ू तो कैसा रहेगा और यह सोचते सोचते मूट मरलिया.

अगले दिन सॅटर्डे था. मेरे स्कूल में चूते थी तो मैं सारा दिन घर पे ही था पर मों को ऑफीस जाना परा. जैसे ही मों घर से निकली मेरे दिमाग़ में एक आइडिया आया. मैने मैं डोर और पीछे का दरवाज़ा लॉक कर दिया और सीधा मा के कमरे में चला गया. क्यूंकी मैं घर पेट हा तो मा ने मुझे अपनी आल्मिराह की चाबी के देकर गयी थी.

मैने पहले कमरे का दरवाज़ा लॉक कर दिया और फिर उनके तीनो आल्मिरहस को एक एक करके खोल दिए. मुझे पता था की मा अपने इननेर्स को बाहर नही रखती होंगी तो मैने कबोर्ड्स की ड्रॉयर्स खोलना शुरू किया. मेरा अंदाज़ा सही था क्यूंकी हर आल्मिराह में एक ड्रॉयर में आची तरह से फोल्ड करके इननेर्स रखे हुए थे. पहले दो ड्रॉयर्स में काफ़ी सिंपल डिज़ाइन के कॉटन पॅंटीस और बारे साइज़ के ब्रास थी पर तीसरे वेल में तो जॅकपॉट था.

ड्रॉयर में सेक्सी डिज़ाइन के लेस के ब्रा और पनटी भरे परे थे. कुछ ब्रास में निपल एरिया के उपर सिर्फ़ नेट था तो कुछ ब्रास में तो निपल एरिया में बरा सा छेड़द था. उसके उपर पॅंटीस में भी बरिया डिज़ाइन्स थे जिसमें चूत के एरिया में छेड़द था और उनमें से कुछ तो थॉंग्ज़ भी थे. यह देख कर्ट ओह मेरे लंड में जान आ गयी.

मैं जल्दी से जाकर लॉंड्र पीले में से मा के पॅंटीस ढूँडने लगा. उनकी वाइट पनटी को नाक के पास ले जाकर जब मैने सुँगा तो मैने देखा की उनकी चूत की स्मेल अभी भी उन गीली पॅंटीस में थी. मा के पनटी लेकर मैं उनके कमरे में चला गया. ड्रॉयर से एक कटी हुई ब्लॅक पनटी लेकर मैने अपने कापरे उतार दिए और बेड पर चार गया. ब्लॅक पनटी को अपने लंड के उपर दबाकर में मूट मरने लगा. साथ ही साथ मा की वाइट पनटी के चूत का हिस्सा मैं आची तरह से चाटने लगा. कुछ ही समाए में मैने अपना माल चोर दिया और मा की ब्लॅक पनटी मेरे वीर्या से भर गयी. नहाते वक़्त एक और बार मूट मार ने के बाद मैने आची तरह से मा की पनटी धोकर आल्मिरहस को लॉक कर दिया.

दुपहर में तोरा बोहोट खाना खाकर में इंटरनेट खोलकर बहत् गया. मुझे मा को चोदने के लिए आछा सा प्लान चाहिए था और इसीलिए मैं नेट पे काफ़ी सारे स्टोरीस परने लगा. क्यूंकी मैं अपनी मा को आचे से प्लीज़ करना चाहता था तो मैने कुछ विदेशी वीडियोस भी देखली. जब शाम को मा के घर लौट ने का टाइम आया तो मैं उन्हे पाटकर चोदने के लिए पूरी तरह से तैयार था. मैने सोचा की मा के आने से पहले नहा धोकर तैयार हो जौ तो मैं बातरूम में चला गया.

मैं कापरे उतार की आचे से साबुन लगा कर नहा रहा था तब अचानक बातरूम का दरवाज़ा खुल गया. मेरी मा अंदर आ गयी और अपनी स्कर्ट उपर करके अपनी पंत नीचे करके पेशाब करने बहत् गयी. मुझसे रुका नही गया और मैं उनके सामने जाकर खरा हो गया. मा ने मेरी तरफ सिर उठा कर देखा और एक सेक्सी सी स्माइल डेडी. इन्हो ने मेरी तरफ देखते हुए पेशाब करना चालू कर दिया. मेरे आखों के सामने मेरी मा के चूत से पीले रंग का पेशाब की बाहर निकालने लगी. वो देखकर तो मैं पूरा पागल जैसे हो गया और मेरा लंड एकद्ूम खरा हो गया. मा ने अपने हाथ आगे करके मेरे लंड को पाकर लिया. क्या पाकर थी, मेरे मूह से तो आ निकल गयी.

“मेरा बेटा इतना हरामी बन गया है की अपनी मा को देखकर लंड खरा कर रहा है” बोल के मा हास पारी.

उनके मूह से ऐसी बात सुनकर तो मुझे बारहवा मिल गया. तब तक मुझे अंदाज़ा हो गया था की मा थोरी नशे में थी.

“तुझ जैसी चुड़क्कड़ मा मिल जाए तो किसी भी बेटे का लंड खरा हो जाएगा” मैने जवाब दिया.

“आछा ऐसा क्या? मेरा बेटा तो बोहोट होशियार बन गया है. तुझे तो इसका इनाम मिलना ही चाहिए” कहके मेरी मा ने मेरा लंड चाटना चालू कर दिया.

जैसे ही उसने मेरा लंड अपने मूह में लिया मुझे तो लगा मैं स्वर्ग में हूँ. क्या चूस रही थी साली बिल्कुल माज़ा आ गया. मैने उसका सिर पकरा और लंड उसके मूह से अंदर बाहर करने लगा. थोरी देर बाद मैने अपने हाथ उसके सिर से हटा कर उसके शर्ट के बटन खोलने में लग गया. ब्रा के उपर से ही उसके मोटे चूचियाँ दबाने लगा. उसकी मुलायम और गोल गोल चूचियाँ मुझे दीवाना बना रही थी.

“साली रंडी बेटे का लंड का टेस्ट कैसा लग रहा है? अब मेरा लंड का शरबत पीले जल्दी से मेरी जान” बोल कर मैने अपने मा के मूह में अपना सारा माल दल दिया.

मा ने मेरा सारा वीर्या निगल लिया और उसके मूह के आजू बाजू लगा हुआ माल चाट लिया. क्या सही लग रही थी मेरी मा. मैने उसे खिच कर अपने बदन से लिपटा लिया और उसे पागलो की तरह चूमने लगा. मेरे मूह का थूक उसके मूह में भर के में आचे से उसे चूमने और चाटने लगा. मा को अपने गोदी में उठाकर मैं उसे उसके कमरे में ले गया. बिस्तर पर उसे लेटकर मैं अपने रूम से मा की आल्मिराह की चाबी ले आया. ड्रॉयर से एक पिंक तोंग निकल कर मा के हाथ में रख दिया.

“चल जल्दी से अपने सारे कापरे उतार के एह पह्न ले. तभी तो लगेगी असली वाली रंडी” मैने कहा.

“सला मदारचोड़ कुत्ता. अपनी मा को नज़र दे रहा है नालयक. तो देख अब” बोलकर मा अपने कापरे एक एक करके खोलने लगी.

क्या पताका लग रही थी मा. पूरी नंगी हो कर मेरा दिया हुआ पिंक तोंग पहें कर बिस्तर पर लेट गयी. मुझसे और रहा नही गया और मैं जानवर की तरह उनके उपर टूट परा. उनके सारे बदन को चाटने लगा. उनको शायद थोरी शरम आ रही थी इसीलिए वो आखें बंद करके आहे भरने लगी. मैने उनकी चूचियाँ हाट में लेकर आची तरह से मसालने लगा. कितनी भारी है उनकी चूचियाँ की क्या बताऊं. मैं चूचियों को मज़ा से चाट रहा था तो कभी कभी काट रहा था. मेरी मा के मूह से उनके आराम का संकेत मिल रहा था.

“चल भोसदिके अब मेरी चूत को भी तो खुश कर दे भावडे” बोलके मेरी मा ने अपने पाएर खोल दिए.

“पहले तेरी चूत का रस तो चखके देखलू कामिनी” और मैने अपने मा के तोंग को एक साइड में करके चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा. मा के चूत का नमकीन रस मेरे मूह में भरने लगा. मा ने पेशाब करके चूत ढोई नही थी तो पेशाब के कुछ बूँद भी मेरे मूह में आ गये. मा एक हाट से मेरे सिर को चूत में दबा रही थी और दूसरे से अपने चूचियाँ खीच रही थी. क्या नज़ारा था मेरी मा मेरा नाम लेकर अपने आप को मेरे हवाले कर रही थी.

“सन्नी में झरने वाली हूँ. चाट चाट के लाल बना दे मेरी चूत को!” यह बोल के मा झार गयी.

अब मुझसे और सहा नही जेया रहा था. मैने एक झटके में मा की तोंग खोल दी और अपना टगरा लंड उनके चूत पे घुसा दिया. मेरा लंड काफ़ी आसानी से ही उनके लंड में घुस गया. मुझे समझ में आ गया की मेरी मा रेग्युलर्ली चुड़वति है.

“साली रंडी मेरे बाप को चोर कर कितनो से छुड़वा चुकी है?” लंड को अंदर बाहर करते हुए मैने पूछा.

“बोहोट रे पगले. आअहह…मुझे तो याद भी नही है सबके नाम” मा बोली.

“इसी लिए जवानी का जोश अभी तक सर पे सॉवॅर है कुट्टिया के.”

“हा. मदारचोड़ जल्दी कर. बुढहे की तरह क्या धीरे धीरे अंदर बाहर कर रहा है कामीने. जहा से आया है उसी जगा वापस जेया रहा है रे तू हरामी.”

“रंडी की बच्ची. छुड़वाने का बोहोट सौख है तुझे. यह ले.”

“और दल. मेरा छोड़ू बेटा आज मुझे संतुष्ट कर दे.”

“क्यूँ तेरे गन्दू प्रेमी तेरी प्यास नही बुझा पाते क्या?”

“कहा रे. तेरे शर्मा अंकल तो थोड़ी देर करके ही तक जाते है. उनसे मिलने के बाद फिर तेरे चाचू से मिलती हूँ तब थोरी रहट मिलती है. उसके बाद कभी कभी तेरे मामा को भी बुला कर चूत में लंड डलवा लेती हूँ तब थोरी रहट मिलती है.”

“तू तो बरी पौच्ी हुई चीज़ है रे. आज तो तेरी बर की चटनी बना दूँगा.”

“आजा मेरा राजा बेटा. आचे से चोददे फिर चूत के पसीने में तले हुए भजिए खिलौंगी. आआ हाअ और तेज़. हा ऐसे ही और दे…आआआहह” बोलके मा झाड़ गयी.

“अभी रुक जा रानी. तुझ जैसी लंड चोसू मा के चूत को तो मैं अपने लंड के दूध से मखान जैसा बना दूँगा” बोलते बोलते मैं भी मा के चूत में झाड़ गया.

पर अभी तक मेरा मान नही भरा था. मुझे हमेशा से ही मेरी मा के गांड पर लालच था. आज जब मौका मिला ही था तब चौका भी मारना ज़रूरी था. मैने मा को उल्टा करके सुला दिया और उसके गांड को दबाने लगा.

“आज तो तेरी गांड का माखन छक्के देखूँगा मैं” बोलके मैं मा की गांड चाट ने लगा.

मा भी मेरा साथ देते हुए कुटिया की तरह बिस्तर पर बहत् गयी.

“मेरे रंडी छोड़ू बेटा अपने लंड का माज़ा मेरी गांड को दे दे. कब से तुझे पाने के लिए तारप रही हूँ. तेरे बारे में सोचकर कितनी बार चूत में उंगली की है तुझे पता नही. आज मेरी गांड को अपने लंड से भर दे.”

“ले मेरी डार्लिंग अभी तेरे गांड में मेरा यह सकत डंडा घुसा देता हूँ. क्या टाइट है रे. एकड़ों रापचिक माल है रे तू. तुझे तो मैं आज पूरा का पूरा खा जौंगा.” कहते कहते मैं अपना लंड मा के गांड की छेड़ में अंदर बाहर करने लगा.

“चूतिया और ज़ोर दल. साले सुवार जल्दी कर ना. कुत्ते के बीज मेरी तड़प मिटा पाएगा अकेले की चाचू को आवाज़ देनी परेगी?”

“रुक जा चुड़ैल. आज तो मैं तेरी सारी तड़प मिटा दूँगा. तुझ जैसे हरामी की चूड़ी को मेरे सिवा कोई संत्ुस्त नही कर सकता” कहते कहते मैने अपने मा के चूचियों को खिचने लगा.

मा ज़ोर ज़ोर से मदहोश हो कर चिल्ला रही थी. वो इस दौरान मेरे लंड को गंद में लेते हुए टीन बार झार चुकी थी. अब मेरा भी झड़ने का टाइम आ गया था.

“अब से तू मेरी पर्सनल रंडी. शादी के बाद भी तुझे रखैल बना कर चोदूंगा . तू देख लेना शवित्री” बोलके मैने अपना माल उसके गांड में चोददिया.

अब मेरे वीर्या से मैने उसके तीनो चीड़ भर दिए थे. मा ने मेरे लंड को चाट कर सॉफ कर दिया. उसको काज़ के पाकर के मैं बिस्तर पे लेट गया और हम दोनो सो गये.

सुबह जब मैं उठा तब मैं कमरे में अकेला था. मैने जल्दी से कापरे पहने और कमरे के बाहर गया. मुझे मा किचन में कम करने की आवाज़ सुनाए दी. मुझे समझ नही आ रहा था की वो क्या बोलेगी. पर जैसे ही मैं किचन के अंदर गया मेरे सारे शक दूर हो गये. मा बिल्कुल नंगी होकर ब्रेकफास्ट बना रही थी. मैं पीछे से जाकर उन्हे हग करके उनके गाले में चूमने लगा. फिर हम लोगो ने जल्दी से खाना खा लिया और हमारा चोदने का सिलसिला फिरसे चालू किया.

आज मैं और मेरी मा बिल्कुल एक मॅरीड कपल की तरह है. मैं रोज़ कम से वापस आकर अपनी मा को बीवी बनाकर खूब माज़ा लेकर छोड़ता हू. कभी कभी चेंज के लिए मा अपने पुराने आशिक़ो को घर पे बुलाती है और मैं उसे चुड़वते हुए देखता हूँ.

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